Pages

About Me

My photo

I STRIVE TO MAKE THE WORLD A BETTER PLACE TO LIVE.

Tuesday, December 5, 2017

किसने रखा है हमारा रिमोट-कण्ट्रोल





 मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता है.
--- महात्मा गाँधी 
मुझे वे दिन याद हैं, जब चैनल बदलने के लिये हमलोग दौड़-दौड़ कर टेलीविज़न के पास जाते थे. रिमोट-कण्ट्रोल आने से जिन्दगी आसान हो गयी. आप फिल्मी गाने का आनन्द ले रहे हैं, और समाचार देखने की इच्छा हुई, तुरत बटन दबाया और न्यूज़ चैनल पर चटपटे समाचार आने लगे.

हमारे साथ भी यही होता है. कोई व्यक्ति आकर कहता है," साहब! आपके जैसा नेक इंसान मैंने कभी नहीं देखा, आप तो साक्षात् ईश्वर के दूसरे रूप हैं. बस फिर क्या! हमारे तो पाँव ही जमीन पर नहीं पड़ते हैं. हम सातवें आसमान में उड़ने लगते हैं. जालसाज इसी कमजोरी का लाभ लेकर हमें कई बार ठग भी लेते हैं.

दूसरा व्यक्ति भौहें चढाये आता है और चिल्लाकर कहता है," आपके जैसा आलसी कहीं नहीं देखा. एक घंटे से मैं खड़ा हूँ, आप मेरा काम नहीं कर रहे हैं. बस फिर क्या! हम लड़ने पर आमादा हो जाते हैं. कार्य-स्थल पर तो दिन भर खीझ बनी ही रहती है, घर आकर बीबी-बच्चों पर भी गुस्सा उतारते हैं. यही नहीं सपनों में भी उसकी ऐसी-तैसी करते रहते हैं.

हमें आत्म-मंथन करने की आवश्यकता है कि क्या हमारे मस्तिष्क और मूड का रिमोट कण्ट्रोल दूसरे रखेंगे?

क्या दूसरे जब चाहें हमें खुश कर देंगे या जब चाहें हमें दुखी या क्रोधित कर देंगे.


No comments:

Post a Comment