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Sunday, July 12, 2015

कम खाओ, गम खाओ

भोजन आधा पेट कर,  दुगुना पानी पी ,
तिगुना श्रम, चौगुनी हंसी , वर्ष सवा सौ जी।
3  जून 2015 को बैंगलोर में एक आहार विशेषज्ञ ने मुझे अपनी कैलोरी-सेवन आधी करने की राय दी।  मैंने डायटीशियन के अनुसार भोजन और व्यायाम करना प्रारम्भ किया, कुछ दिनों में ही न सिर्फ  मेरी मधुमेह की दवा-खुराक आधी से ज्यादा घट गयी बल्कि मैं पहले से ज्यादा तरो-ताजा भी महसूस करने लगा।
"कम खाओ, गम खाओ" पर अनेक निबंधों में इस मुहावरे के दोनों भागों की अलग-अलग व्याख्या की गयी है, लेकिन मैं इन्हें समग्र रूप में देखता हूँ। 
कम  खाने से हमारे शरीर को भोजन-पाचन में अतिरिक्त श्रम नहीं करना पड़ता है।  अतः शरीर चुस्त और फुर्तीला बनने के साथ-साथ हमारी मनःस्थिति भी अच्छी रहती है। परिणामस्वरूप, छोटी-छोटी बातों  पर हमें अनावश्यक तनाव नहीं होता है।  अतः कम खाने से  गम खाने की हमारी  क्षमता स्वतः बढ़ जाती है। 
मैं शांत-चित्त से धीरे-धीरे खाकर कम भोजन का ही भरपूर आनंद लेता हूँ।  भोजन प्रारम्भ करने के पहले पांच-दस बार गहरी सांसें लेकर एक ग्लास पानी पीने से भी मन शांत होता है। 
आपने कभी सपने में मिठाई या अन्य कोई स्वादिष्ट खाद्य-पदार्थ सेवन किया होगा। ईश्वर-कसम मुझे तो उन्हें खाने में बड़ा  मजा आता है। अतः कई बार जब मुझे कोई वर्जित चीज खाने की इच्छा होती है तो मैं आँखें बंद करके उस क्षण को याद करता हूँ, जब मैंने वह वर्जित खाद्य-पदार्थ का सचमुच आनन्द  लिया था, कैसे मैनें उसे मुख में रखा, कैसे उसे दांतों से चबाया, कैसा उसका स्वाद था ?  अहा।   सचमुच उस अनुभूति से मिलती-जुलती  अनुभूति होती है और पेट या पॉकेट पर अनावश्यक बोझ भी नहीं पड़ता है। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी एकाग्रता कितनी मजबूत है?

एक पुरानी धारणा है कि जितने व्यक्तियों की मृत्यु भूख से होती है, उससे ज्यादा लोग अधिक खाने से काल के गाल में समाते हैं।
 एक प्रसिद्ध दार्शनिक ने बड़ी राज की बात बताई है, "खूब खाने और दीर्घायु होने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम थोड़ा-थोड़ा खाएं, परिणामस्वरुप हम दीर्घायु बनेंगे और कुल मिलाकर ज्यादा भी खाएंगे।"
लेकिन, कम खाने के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि हम अच्छा आहार लें। अगर  विष की  थोड़ी  भी मात्रा  लेंगे तो हानिकारक ही होगा।
अतः सर्वथा त्याज्य वस्तुओं का अविलम्ब त्याग कर शेष  खाद्य-पदार्थों का अल्प मात्रा में उपयोग कर हम जीवन रंगीन बनाये रख सकते हैं।


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